नई दिल्ली। जलवायु कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने अपने अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान कहा कि वह न तो "आधुनिक गांधी" हैं और न ही कोई नायक। उन्होंने लोगों से स्वयं जिम्मेदारी निभाने और अपने जीवन के नायक बनने का आह्वान किया।
जंतर-मंतर पर सीजेपी (Cockroach Janta Party) द्वारा आयोजित प्रदर्शन शनिवार को 22वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही। प्रदर्शन परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है।
आयोजकों द्वारा जारी स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार, अनशन शुरू होने के बाद से वांगचुक का करीब 7.5 किलोग्राम वजन कम हुआ है। उनका रक्तचाप 106/74 मिमी एचजी दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि ऊर्जा में कुछ कमी महसूस हो रही है, लेकिन वे अपने आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी तुलना महात्मा गांधी से करना या उन्हें नायक कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं न गांधी हूं और न ही कोई हीरो। मैं सिर्फ एक सामान्य नागरिक हूं, जिसने अपनी जिम्मेदारियां निभाने का प्रयास किया है।"
उन्होंने लोगों से सामाजिक बदलाव के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं आगे आने की अपील की। साथ ही, 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, वे अपने-अपने क्षेत्रों से शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन दर्ज करा सकते हैं।
वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका अनशन पूरी तरह स्वेच्छा से किया जा रहा है और उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाना उनके संवैधानिक शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन होगा।
गौरतलब है कि सीजेपी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे तथा कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रही है। यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन में शामिल होकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं।


