पौड़ी गढ़वाल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन-जन तक शासन की योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने के संकल्प के तहत जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को विकासखंड खिर्सू के निर्मल ग्राम कठूड़ में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कठूड़ पहुंचने पर जिलाधिकारी का पारंपरिक ढोल-दमाऊँ की धुन के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने गांव के नवनिर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया तथा 94 वर्षीय धुपणी देवी को सम्मानित कर उनका आशीर्वाद लिया।
चौपाल में ग्रामीणों ने कोटी-कमेड़ा-कठूली सड़क निर्माण, पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग से गांव तक सड़क, पशुओं के लिए चारे की समस्या सहित कई स्थानीय मुद्दे उठाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एक सड़क का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी सड़क का निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नेपियर घास एवं अन्य चारा फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर उसे पुनः संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने गांव में स्थापित सीसीटीवी व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र, कंपोस्ट पिट, पंचायत भवन सहित अन्य सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि कठूड़ में जनभागीदारी और योजनाबद्ध विकास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। जिला प्रशासन पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
चौपाल के उपरांत जिलाधिकारी ने जनता इंटरमीडिएट कॉलेज, जामणाखाल का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं तथा करियर विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय में सोलर संयंत्र का प्रस्ताव तैयार करने, नियमित करियर काउंसलिंग आयोजित करने और विज्ञान प्रयोगशाला को शीघ्र पूर्ण एवं सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जामणाखाल का निरीक्षण कर दवाओं के सुव्यवस्थित रखरखाव, स्वच्छता, ओपीडी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा चिकित्सालय के स्थायी भवन के लिए भूमि प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुपयोगी शासकीय भवन उपलब्ध होने पर उसके उपयोग का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


