देहरादून। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और ब्लॉक प्रमुखों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ब्लॉक प्रमुख प्रदेश संगठन, उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव कण्डारी ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के बावजूद जमीनी स्तर पर ब्लॉक प्रमुखों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

संगठन का कहना है कि प्रदेश के कई विकासखंड क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़े और भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम हैं। ऐसे क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण में ब्लॉक प्रमुखों को निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ता है।

प्रमुख निधि ₹1 करोड़ करने की मांग संगठन ने स्व. नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में मिलने वाली ₹25 लाख की प्रमुख निधि को पुनः शुरू कर इसे बढ़ाकर ₹1 करोड़ प्रतिवर्ष किए जाने की मांग की है।

मानदेय और वाहन भत्ते में बढ़ोतरी ब्लॉक प्रमुखों का वर्तमान ₹6,000 मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹40,000 प्रतिमाह करने तथा हर तीन वर्ष में महंगाई के अनुरूप मानदेय के पुनरीक्षण की व्यवस्था की मांग की गई है। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक प्रमुख को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने अथवा ₹30,000 मासिक वाहन एवं ईंधन भत्ता देने का प्रस्ताव रखा गया है।

BDO की APAR में भूमिका की मांग संगठन ने पूर्व व्यवस्था के अनुसार संबंधित ब्लॉक प्रमुख को खंड विकास अधिकारी (BDO) की ACR/APAR में टिप्पणी या फीडबैक देने का अधिकार पुनः बहाल करने की मांग की है।

इसके अलावा NRLM और REEP जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की ब्लॉक स्तरीय समितियों में ब्लॉक प्रमुख को पदेन सदस्य बनाने, आधिकारिक भ्रमण के दौरान पर्यटन विभाग के आवासों में नियमानुसार ठहरने की सुविधा देने तथा आपदा मद से ब्लॉक स्तर पर होने वाले कार्यों की प्राथमिकता तय करने में संबंधित ब्लॉक प्रमुख की संस्तुति अनिवार्य करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पंचायती राज मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पंचायती राज, सचिव वित्त और निदेशक पंचायती राज, उत्तराखंड शासन को भी भेजी गई है।