थल, पिथौरागढ़। डाडल गांव में भालू के हमले में एक महिला के घायल होने की सूचना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर भालू के दो शावक भी पाए गए, जिन्हें जाल की मदद से सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया।

घटना की सूचना के बाद गंगोलीहाट और डीडीहाट से भी वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षेत्र में भालू की गतिविधियों और संभावित आवागमन पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। साथ ही प्रभावित गांवों में वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए घर-घर संपर्क, मुनादी और ध्वनि प्रसारक यंत्रों के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज थल, प्राथमिक विद्यालय मसूरिया और कोटगाड़ी में भी विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को भालू से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

भालू या शावक दिखे तो न जाएं पास वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि भालू या उसके शावक दिखाई देने पर उनके पास न जाएं और भीड़ एकत्र न करें। भालू अथवा उसके शावकों को छेड़ने का प्रयास भी न किया जाए। किसी भी तरह की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी बेरीनाग नेहा सोन ने बताया कि वन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लगातार गश्त कर रही हैं और लोगों को भालू से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

गश्ती एवं निगरानी अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी नेहा सोन, रेंजर चंदा मेहरा, वन दरोगा शुभम पाठक, वन आरक्षी मुकेश सिंह बुदियाल, मनोज कुमार पंत, राजेंद्र सिंह मेहता, राजेंद्र सिंह कार्की, चारु चंद्र भट्ट, शेखर सिंह बेरा, नवीन ओझा, महिपाल सिंह और धरम सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात हैं । _ अनिल कार्की थल