डीडीहाट। अमर शहीद राकेश खोलिया की शहादत दिवस पर रविवार को डीडीहाट में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, युवा और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर सपूत के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया और उनके अदम्य साहस को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि शहीद राकेश खोलिया का जन्म 1 जुलाई 1986 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सूर्य मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज, डीडीहाट से प्राप्त की। इसके बाद पिथौरागढ़ में बीएससी की पढ़ाई के दौरान उनके भीतर देश सेवा का जज़्बा और मजबूत हुआ, जिसके चलते उन्होंने भारतीय सेना की सिग्नल कोर में भर्ती होकर मातृभूमि की रक्षा का मार्ग चुना। 19 जुलाई 2008 को देश की सुरक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और हमेशा के लिए अमर हो गए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव होता है। उनके त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष गिरीश चुफाल, उपजिलाधिकारी खुशबू पांडे, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी भूपेंद्र धामी, एसएसबी डीडीहाट के अधिकारी एवं जवान, मद्रास रेजिमेंट के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी गणेश कन्याल, शेर सिंह चुफाल, विक्रम भाटिया सहित अनेक पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा रहा। "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "शहीद राकेश खोलिया अमर रहें" के गगनभेदी नारों के बीच उपस्थित लोगों ने अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने शहीद राकेश खोलिया के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त बनाने तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति सदैव समर्पित रहने का सामूहिक संकल्प लिया।
REPORT : HARSHIT MEHRA : DIDIHAT


