थल। थल के थल पड़ाव बाजार में आयोजित चार दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव के चौथे दिन भजन-कीर्तन और कृष्ण डोले की भव्य शोभायात्रा के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा थल कस्बा कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

चौथे दिन सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद दोपहर तीन बजे पुराना बाजार से कृष्ण डोले की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा बालेश्वर मंदिर होते हुए नए बाजार से रामगंगा नदी के तट पर पहुंची।

शोभायात्रा के दौरान पुरुषों और महिलाओं की टोलियों ने भजन गाते हुए जमकर नृत्य किया। “बड़े देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रजबाला...” और “दैया रे दैया, यशोदा मैया, इसी को संभाल, बड़ा नटखट है तेरो नंदलाल...” जैसे भजनों और गगनभेदी जयघोष से पूरा थल कस्बा गूंज उठा।

सूर्यास्त से पूर्व रामगंगा के त्रिवेणी संगम तट पर पुरोहित जगदीश चंद्र जोशी ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कृष्ण डोले का विधिवत पूजन संपन्न कराया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई थी।

इस अवसर पर प्रमोद उपाध्याय, सुरेश जोशी, भूपेंद्र सिंह पांगती, प्रवीण जंगपांगी, सुंदर राम, मनोहर आर्या, अमन मेहता, सुंदर लोहनी, प्रथम बिष्ट, कमलेश जोशी, विक्रम चंद, योगेश पानु, राजेश पंचपाल, महेश पाठक, अमित चंद, कौस्तुभ नंद ततराड़ी, जगदीश पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

रिपोर्ट: गुड्डू पाठक, थल