थल, पिथौरागढ़। थल में नंदाष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही बगीचे स्थित प्राचीन नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मंदिर के धामी बलवंत सिंह नित्वाल के घर से मां नंदा देवी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच निकली शोभायात्रा में महिलाएं पारंपरिक गादी-कमोल वेशभूषा में नजर आईं, जबकि पुरुषों ने शुभ अवसरों पर पहनी जाने वाली जोहार की सफेद टोपी धारण की। गंगोलीहाट के विधायक एवं महोत्सव के मुख्य अतिथि फकीर राम टम्टा ने शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।

बालेश्वर मंदिर से पुराने बाजार होते हुए शोभायात्रा नंदा देवी मंदिर पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने “हे नंदा हे गौरा कैलाशों की यात्रा”, “जय नंदा जय नंदा यो मासीक फूल”, “ओ नंदा सुनंदा तू दैण है जाए” और “पैटण बटी गे म्यर नंदा भवानी” जैसे पारंपरिक गीतों का गायन किया।

मंदिर पहुंचने के बाद धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। देवी अवतार के बाद देवी डांगर ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया और फल-असीक प्रदान किए। इस दौरान पांच कन्याओं का पूजन भी किया गया।

महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में देर शाम तक महिलाओं ने पारंपरिक चांचरी और खेल प्रस्तुत किए। महिलाओं की टोलियों ने विभिन्न पारंपरिक चांचरी गीतों पर कदम से कदम मिलाकर उत्सव में चार चांद लगा दिए।

महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया तथा सभी को मां नंदा का प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक फकीर राम टम्टा ने प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नंदा महोत्सव समिति को अपनी विधायक निधि से 2 लाख रुपये देने की घोषणा की।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष ललित पांगती और कोषाध्यक्ष प्रवीण जंगपांगी ने विधायक फकीर राम टम्टा सहित सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

_अनिल कार्की थल