थल। रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के बैनर तले 15 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, मोटर पुल, पैदल पुल और छोटी प्रशासनिक इकाइयों के गठन समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनकारी मुवानी में धरने पर बैठे हैं।
आंदोलन के दूसरे दिन डीडीहाट की उपजिलाधिकारी खुशबू पांडे आंदोलनकारियों से वार्ता करने मुवानी पहुंचीं। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक चली वार्ता में आंदोलनकारियों ने अपनी सभी मांगों को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा। मांगों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी।
वार्ता विफल रहने के बाद रामगंगा घाटी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमल दीप सिंह ने आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और वर्षों से लंबित मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
दूसरे दिन क्रमिक अनशन पर कमल दीप सिंह, अशोक कुमार, जनक बहादुर चंद, मेहर सिंह कठायत और नरेश कुमार बैठे।
इस दौरान विक्रम कठायत, सुमित पाल, राम सिंह राठौर, शोभन कार्की, सूरज गोरखा, राम प्रसाद, दरपान राम, पदम बहादुर पाल, दीवान मनोला, निखिल बसेड़ा, दिवाकर सोनार, हर्षित खोलिया, कैप्टन श्याम सिंह कार्की, बबलू कार्की, मनोज भंडारी, जितेश खनका, पप्पू मारकुन, जगदीश वर्मा, प्रांजल पाल, दीपक मंगला, भूपाल सिंह ऐरी, लता देवी, खुशी भट्ट, हेमा कार्की, बिमला पुजारा, भावना देवी, मंजू मनोला, ललित मोहन, सचिन नेगी, संजय कार्की, गोविंद भट्ट, अजय कोटियाल, संजय बोरा, गोविंद मनोला और शंकर मनोला सहित क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट—अनिल कार्की, थल


