थल (पिथौरागढ़)। लगातार हो रही बारिश के बीच थल–सातशिलिंग मोटर मार्ग पर स्थित नागीमाल पहाड़ी एक बार फिर खतरे का कारण बन गई है। बीती रात करीब दो बजे दरक चुकी पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
गौरतलब है कि लगभग दो वर्ष पूर्व नागीमाल पहाड़ी के दरकने के बाद से यह मार्ग संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्र घोषित माना जा रहा है। विशेषकर बरसात के मौसम में यहां से गुजरना जोखिम भरा साबित होता है और यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
घटना के बाद रविवार सुबह लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची और सड़क से मलबा तथा बोल्डर हटाने का कार्य शुरू किया। करीब सुबह 11:30 बजे मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन राहत अधिक देर तक नहीं टिक सकी। सड़क खुलने के लगभग आधे घंटे बाद ही पहाड़ी से दोबारा बोल्डर और मलबा गिरने लगा, जिससे मार्ग फिर बंद हो गया।
हालांकि, लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब आधे घंटे के भीतर दोबारा सड़क साफ कर यातायात बहाल कर दिया। विभाग की तत्परता से मार्ग पर फंसे यात्रियों को राहत मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नागीमाल पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डर इस मार्ग को अत्यंत जोखिमपूर्ण बना रहे हैं। ऐसे में विशेषकर रात्रि के समय अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। साथ ही, बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ सफर करने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो इस क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
रिपोर्ट: अनिल कार्की, थल


