पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर पिथौरागढ़ विधायक मयुख महर ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर सीमांत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
विधायक मयुख महर ने कहा कि जिले के अस्पतालों में करोड़ों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक चिकित्सा मशीनें तकनीशियनों के अभाव में धूल फांक रही हैं। मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे मरीजों को इलाज और जांच के लिए अन्य शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि पिथौरागढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यवस्थित (Systematic) किया जाए, अस्पतालों में आवश्यक तकनीशियनों और विशेषज्ञ स्टाफ की तत्काल नियुक्ति की जाए तथा उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
धरने के दौरान विधायक ने कहा कि बेस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को जल्द पूर्ण रूप से संचालित किया जाए, ताकि सीमांत क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही मिल सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर केवल बजट बढ़ाया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि हंस फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित ICU आज भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहा है। यदि इसे सुचारु रूप से शुरू किया जाए तो गंभीर मरीजों को जिले में ही बेहतर उपचार मिल सकता है।
विधायक मयुख महर ने कहा कि सरकार ने गरीब और जरूरतमंद मरीजों की पीड़ा के प्रति आंखें मूंद रखी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और जनता की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। #Vaninews


