नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह में डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया और उन्हें औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़े सभी पूर्व एवं वर्तमान अधिकारियों और खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि डूरंड कप ने वर्षों से देश के अनेक प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है।

राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी के लिए कुछ नई टीमें भी प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनमें श्रीलंका की एक टीम भी शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीमों की भागीदारी से यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता और अधिक लोकप्रिय होगी तथा फुटबॉल के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों और टीमों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि फुटबॉल विश्व के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और यह उत्कृष्टता, एकता तथा खेल भावना का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में फुटबॉल खिलाड़ियों और टीमों के करोड़ों प्रशंसक हैं, जो उनके शानदार प्रदर्शन से प्रेरणा लेते हैं। यह खेल लोगों को आपस में जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को फुटबॉल के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए अभी लंबी दूरी तय करनी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित आयोजन देश के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि खेल भावना केवल मैदान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जीवन में समानता, सहयोग, अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ बने रहने की प्रेरणा देती है। राष्ट्रपति ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार फुटबॉल में खिलाड़ी एक-दूसरे के सहयोग से टीम को जीत दिलाते हैं, उसी प्रकार देशवासी भी सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं।